👉हवा और सूरज की शिक्षाप्रद कहानी : Moral Stories In Hindi

हवा और सूरज की शिक्षाप्रद कहानी : Moral Stories In Hindi

 हवा और सूरज की शिक्षाप्रद कहानी : Moral Stories In Hindi

एक बार हवा और सूरज में बहस छिड़ गयी कि कौन सबसे ज्यादा शक्तिशाली है | हवा ने कहा ,”मैं  तुमसे शक्तिशाली हूँ “तो सूरज ने कहा ,”नही नहीं मैं तुमसे ज्यादा शक्तिशाली हूँ |” 


तभी उन्होंने रास्ते पर जाते एक आदमी को देखा जो की शाल ओढ़े हुए था | उसे देखकर हवा ने  सूरज से कहा जो भी इस आदमी के शरीर से शाल उतरवा देगा वही हम में से शक्तिशाली होगा | सूरज ने उसकी बात मान ली |


 तो सबसे पहले बारी  हवा की थी  | हवा  आदमी के शरीर से शाल उतरवाने के लिए खूब तेज से चली | लेकिन जितनी तेज वह चलती उतनी ही ताज आदमी अपने शाल को पकड लेता  |


 हवा ने बहुत प्रयास किया लेकिन वो आदमी के शरीर से शाल उतरवाने में असमर्थ रही |  


 अब बारी सूरज की थी  | सूरज धीरे से मुस्कुराया और धीरे धीरे तपन बढाने लगा , अब पथिक को गर्मी लगने लगी ,जिससे उसने अपना शाल को थोडा सा खोल दिया | 


धीरे धीरे जब सूरज मुस्कुराते हुए और गर्मी बढाने लगा तब पथिक असहनीय गर्मी के कारण शाल को उतार कर  रख दिया और इस तरह सर सूरज हवा से जीत गया |

Moral of the Story:-

कभी कभी ताकत से वह नही हासिल किया जा सकता जो एक मुस्कराहट से हासिल किया जा सकता है 
(Brute force can’t achieve what a gentle smile can .

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